Gold-Silver Crash: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, 5 दिन में ₹38 हजार सस्ती हुई चांदी; जानें निवेश का सही समय

Ram Kumar
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Gold Silver Price Today: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 19 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत में ₹20,000 प्रति किलो की बड़ी कटौती हुई है, जिससे यह ₹2.30 लाख के स्तर पर आ गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने के दाम भी ₹7,000 प्रति 10 ग्राम घटकर ₹1.48 लाख पर पहुंच गए हैं।

पिछले 5 कारोबारी दिनों की बात करें तो चांदी की चमक ₹38,000 तक फीकी पड़ चुकी है। वैश्विक अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच कीमती धातुओं के दाम में इस तरह का ‘फ्री-फॉल’ बाजार विशेषज्ञों के लिए भी चौंकाने वाला है।

कीमतों का ऐतिहासिक सफर: रिकॉर्ड ऊंचाई से धड़ाम

📉 सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (2026)

धातु ऑल टाइम हाई (29 जन. 2026) मौजूदा कीमत (19 मार्च 2026) कुल गिरावट
सोना (10g) ₹1.76 लाख ₹1.48 लाख ₹28,000 ⬇
चांदी (1kg) ₹3.86 लाख ₹2.30 लाख ₹1,56,000 ⬇

क्यों गिर रहे हैं दाम? 3 मुख्य कारण

जंग के माहौल में आमतौर पर सोना महंगा होता है, लेकिन इस बार समीकरण बदल गए हैं:

  1. लिक्विडिटी (Cash) की मांग: युद्ध की अनिश्चितता को देखते हुए निवेशक रिस्क नहीं लेना चाहते। वे गोल्ड-सिल्वर बेचकर ‘कैश’ जमा कर रहे हैं ताकि आपात स्थिति में पैसा हाथ में रहे।
  2. प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में कीमतें अपने चरम पर थीं, जिसके बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार में अचानक सप्लाई बढ़ने से कीमतें गिर गईं।
  3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी कीमती धातुओं के आकर्षण को कम किया है।

एक्सपर्ट की राय: क्या अभी खरीदना चाहिए?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में यह गिरावट अभी जारी रह सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोना ₹1.50 लाख के आसपास स्थिर हो सकता है, जबकि चांदी ₹2.50 लाख के दायरे में रह सकती है। फिलहाल बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है, इसलिए नए निवेशकों को जल्दबाजी में निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

सर्राफा बाजार की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और मांग-आपूर्ति के आधार पर बदलती रहती हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा अवश्य करें। इस लेख में दिए गए आंकड़े IBJA की रिपोर्ट पर आधारित हैं।

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