Bihar Panchayat Chunav Updates: बिहार में 2026 के अंत में होने वाले पंचायत चुनावों के लिए बिगुल बज चुका है। इस बार का चुनाव न केवल खास होगा, बल्कि ऐतिहासिक भी होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहली बार ‘मल्टी पोस्ट ईवीएम’ (Multi Post EVM) के जरिए मतदान कराने का बड़ा फैसला लिया है। नवंबर-दिसंबर में संभावित इन चुनावों के लिए हैदराबाद से उन्नत तकनीक वाली मशीनें भी मंगवा ली गई हैं।
क्या है ‘मल्टी पोस्ट EVM’ और यह कैसे काम करेगी?
अभी तक आपने विधानसभा या लोकसभा चुनावों में एक ईवीएम से एक ही प्रतिनिधि को चुनते देखा होगा, लेकिन पंचायत चुनाव में मतदाता को 6 अलग-अलग पदों के लिए वोट देना होता है।
- एक यूनिट, छह पद: मल्टी पोस्ट ईवीएम में एक कंट्रोल यूनिट (CU) के साथ 6 बैलेट यूनिट (BU) जुड़ी होंगी।
- क्रमवार मतदान: मतदाता एक ही बूथ पर क्रम से ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए अपना वोट दर्ज कर सकेगा।
चुनावी तैयारियों का लेखा-जोखा: करोड़ों की खरीद
आयोग ने चुनावी मशीनरी को दुरुस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है:
- मशीनों की संख्या: हैदराबाद के ECIL से 32,200 कंट्रोल यूनिट और 1,93,200 बैलेट यूनिट खरीदी गई हैं।
- सुरक्षित वेयरहाउस: सभी जिलों के प्रमंडलीय आयुक्तों को सरकारी भवनों में सुरक्षित वेयरहाउस बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मशीनों का रखरखाव मानक के अनुरूप हो सके।
मतदाताओं और प्रशासन को क्या होंगे फायदे?
- समय की भारी बचत: मतदाताओं को अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग कतारों में नहीं खड़ा होना होगा।
- सटीक और तेज नतीजे: ईवीएम के इस्तेमाल से मतगणना (Counting) की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी और मानवीय त्रुटि की गुंजाइश खत्म होगी।
- अमान्य वोट का झंझट खत्म: मतपत्रों पर मुहर लगाने के दौरान अक्सर ‘रिजेक्टेड वोट’ की समस्या आती थी, जो अब बीते जमाने की बात हो जाएगी।
- पारदर्शिता: यह नई प्रणाली पूरी चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाएगी।
निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति
चुनाव की गंभीरता को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DRO) और अपर जिला निर्वाचन पदाधिकारी (ADRO) की नियुक्तियां भी कर दी हैं, ताकि चुनावी तैयारियों की मॉनिटरिंग जमीनी स्तर पर हो सके।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों और मीडिया अपडेट्स पर आधारित है। चुनाव की आधिकारिक तारीखों और विस्तृत गाइडलाइंस की घोषणा आयोग द्वारा समय पर की जाएगी।
