CBSE की नई तकनीक: अब एआई (AI) परखेगा स्कूल काउंसलरों की काबिलियत, 10,000 शिक्षकों को मिलेगी बड़ी पहचान

Ram Pravesh Kumar
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नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अब पहले से कहीं अधिक गंभीर है। बोर्ड ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अपने स्कूलों में तैनात परामर्श एवं कल्याण शिक्षकों (Counselors) के मूल्यांकन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।

इस डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए देशभर के करीब 10,000 काउंसलरों की दक्षता को मापा जाएगा और सफल होने वाले शिक्षकों को आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

क्यों खास है यह AI आधारित मूल्यांकन?

यह परीक्षा सामान्य लिखित परीक्षाओं जैसी नहीं होगी। सीबीएसई ने इसे विशेष रूप से ‘व्यावहारिक समझ’ को परखने के लिए डिजाइन किया है। एआई की मदद से यह देखा जाएगा कि:

  • शिक्षक छात्रों की मानसिक और सामाजिक समस्याओं को कितनी संवेदनशीलता से समझते हैं।
  • कठिन परिस्थितियों में काउंसलर का फैसला कितना नैतिक और सटीक होता है।
  • तकनीक के साथ तालमेल बिठाकर वे छात्रों को कैसे बेहतर मार्गदर्शन दे सकते हैं।

‘डिजी-परीक्षा’ पोर्टल से होगी ऑनलाइन निगरानी

यह पूरा असेसमेंट बोर्ड के खास डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘डिजी-परीक्षा’ पर आयोजित हो रहा है। इसमें ‘रिमोट इनविजिलेशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे शिक्षक अपने स्थान से ही परीक्षा दे सकेंगे और एआई सिस्टम उन पर नजर रखेगा। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहेगी।

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में बेहतर काउंसलिंग सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सभी संबद्ध स्कूलों के काउंसलरों को इसमें शामिल होना अनिवार्य है। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से न केवल शिक्षकों का कौशल बढ़ेगा, बल्कि छात्रों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की मानसिक सहायता मिल सकेगी।

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