New Delhi, National News: केंद्र सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल शक्ति देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। अब किसानों को अपनी खेती की जरूरतों के लिए कर्ज लेने हेतु लंबी कागजी कार्रवाई से नहीं गुजरना पड़ेगा। सरकार ने ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जोड़ दिया है, जिससे अब डिजिटल डेटा के आधार पर कुछ ही मिनटों में लोन स्वीकृत किया जा सकेगा।
एग्रीस्टैक योजना और डिजिटल आईडी का कमाल
यह पूरी व्यवस्था केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत ‘एग्रीस्टैक’ योजना का हिस्सा है। इसके अंतर्गत हर किसान की एक यूनिक डिजिटल आईडी बनाई जा रही है, जो आधार और जमीन के रिकॉर्ड से लिंक होती है। इस आईडी में किसान की जमीन का ब्योरा, बुवाई की जाने वाली फसलें और बैंक खाते की पूरी जानकारी पहले से दर्ज रहती है। बैंक इसी डिजिटल प्रोफाइल को देखकर तुरंत लोन पर फैसला ले सकेंगे, जिससे हफ्तों का काम मिनटों में सिमट जाएगा।
9 करोड़ किसान पहले से जुड़े, पारदर्शिता में होगा सुधार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश के करीब नौ करोड़ किसानों की डिजिटल आईडी बनाई जा चुकी है और बाकी किसानों को भी तेजी से इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। इस व्यवस्था से न केवल लोन मंजूरी की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल डेटा होने के कारण मानवीय गलतियों की गुंजाइश कम होगी और बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान
इस नई प्रणाली का सबसे अधिक लाभ उन छोटे किसानों को मिलेगा जो अक्सर दस्तावेज जुटाने की मशक्कत में बैंक से कर्ज नहीं ले पाते थे। अब जमीन के प्रमाण या पहचान पत्र जैसे कागजों को बार-बार बैंक ले जाने की जरूरत नहीं होगी। बैंक सीधे डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पात्रता की जांच कर सकेंगे। इसके अलावा, पीएम-किसान योजना की किस्त, फसल बीमा और एमएसपी (MSP) पर खरीद का भुगतान भी इसी आईडी के माध्यम से सीधे खातों में सुरक्षित ढंग से पहुँचेगा।
कर्ज चुकाने की अवधि में राहत
किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने केसीसी (KCC) लोन चुकाने की अवधि को भी बढ़ाकर छह साल कर दिया है। इससे किसानों पर तुरंत कर्ज चुकाने का दबाव कम होगा और वे अपनी फसल की बिक्री के अनुसार आसानी से भुगतान कर सकेंगे। ई-केवाईसी और जमीन सत्यापन जैसी समस्याओं का समाधान भी अब इस सिंगल प्लेटफॉर्म के जरिए संभव होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट डिजिटल कृषि मिशन के तहत जारी सरकारी दिशा-निर्देशों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। लोन की पात्रता और ब्याज दरें संबंधित बैंकों के नियमों के अनुसार होंगी।
