Green Tech Conclave 2026: बिहार में अब पौधों से बनेगा ‘दवा वाला खाना’, नर्सरी बिजनेस बनेगा रोजगार का नया हब—कृषि मंत्री

Ram Kumar
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पटना: बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में तीन दिवसीय ‘बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में अब पारंपरिक खेती की जगह आधुनिक तकनीक और ‘ग्रीन बिजनेस’ को बढ़ावा दिया जाएगा।

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने उद्घाटन समारोह में कहा कि अब खेती सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि तकनीक से जुड़ी एक मुनाफे वाली इंडस्ट्री बनने जा रही है।

‘मेडिका फूड्स’: सेहत भी और बंपर कमाई भी

मंत्री ने भविष्य की एक नई अवधारणा ‘मेडिका फूड्स’ (Medica Foods) का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पौधों से ऐसा भोजन तैयार किया जाएगा जो प्राकृतिक रूप से दवा की तरह काम करे।

  • लक्ष्य: लोगों को सेहतमंद आहार देना और किसानों की आय बढ़ाना।
  • जरूरत: आज के समय में आर्गेनिक और औषधीय गुणों वाले पौधों की मांग घरों, होटलों और ऑफिसों में तेजी से बढ़ रही है।

नर्सरी बिजनेस बनेगा स्टार्टअप का आधार

कृषि मंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नर्सरी अब केवल एक छोटी पौधशाला नहीं रह गई है। यह एक विस्तृत बिजनेस मॉडल है:

  1. Startup Opportunities: युवाओं के लिए नर्सरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
  2. Employment Hub: गांव से लेकर शहर तक नर्सरी बिजनेस रोजगार सृजन का सबसे बड़ा माध्यम बनेगा।
  3. Green Technology: सेंसर आधारित निगरानी और मशीनी निर्णय लेने वाली तकनीक अब बिहार के खेतों में उतर चुकी है।

किसान, वैज्ञानिक और उद्योग का संगम

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने इसे राज्य की प्रगति का प्रतीक बताया। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से जोड़ना है ताकि वे आधुनिक तकनीक (ग्रीन-टेक) का उपयोग कर अपनी उपज को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बना सकें।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और किसान आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण मेहता सहित कई दिग्गज अधिकारी मौजूद रहे। यह कॉन्क्लेव 23 मार्च 2026 तक चलेगा।

⚡ Quick Takeaways (मुख्य बातें)

  • बिहार में पहली बार आयोजित हुआ नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव।
  • नर्सरी बिजनेस को रोजगार का प्रमुख हब बनाने का संकल्प।
  • ‘मेडिका फूड्स’ (पौधों से दवा वाला खाना) पर विशेष जोर।
  • युवाओं के लिए कम लागत में बड़ा स्टार्टअप शुरू करने का मौका।

अस्वीकरण (Disclaimer)

इस लेख में दी गई जानकारी बिहार नर्सरी एवं ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव-2026 के उद्घाटन समारोह में दिए गए आधिकारिक बयानों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

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