पटना: बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत और बुकिंग की झंझटों को खत्म करने के लिए PNG (Piped Natural Gas) नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने का बड़ा फैसला लिया है। अब रसोई गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए आपके किचन तक पहुंचेगी।
इन 18 जिलों में सबसे पहले मिलेगी सुविधा
नगर विकास और आवास विभाग ने राज्य के उन 18 जिला मुख्यालयों पर विशेष फोकस करने का निर्देश दिया है, जहां पीएनजी का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार किया जा रहा है। इन जिलों की सूची नीचे दी गई है:
📍 इन 18 जिलों में सबसे पहले मिलेगी सुविधा
| क्रम संख्या | जिले का नाम |
|---|---|
| 1 | पटना |
| 2 | गया |
| 3 | नालंदा |
| 4 | मुजफ्फरपुर |
| 5 | वैशाली |
| 6 | सारण |
| 7 | बेगूसराय |
| 8 | शेखपुरा |
| 9 | जमुई |
| 10 | समस्तीपुर |
| 11 | लखीसराय |
| 12 | मुंगेर |
| 13 | सहरसा |
| 14 | मधेपुरा |
| 15 | भोजपुर |
| 16 | पूर्णिया |
| 17 | औरंगाबाद |
| 18 | रोहतास |
DM और तेल कंपनियों को सख्त निर्देश
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि पीएनजी नेटवर्क और प्लांट की स्थापना के लिए गैस वितरण कंपनियों को बिना किसी देरी के अनुमति दी जाए। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे को तेजी से पूरा करना है ताकि लोगों को समय पर कनेक्शन मिल सके।
मात्र 24 घंटे में मिल सकेगा कनेक्शन
गैस वितरण कंपनियों की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में वर्तमान में करीब एक लाख घरों में पीएनजी की आपूर्ति हो रही है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद गैस कंपनियां इतनी सक्षम हो गई हैं कि वे महज 24 घंटे के भीतर 75 हजार से अधिक नए घरेलू कनेक्शन प्रदान कर सकती हैं।
क्यों बेहतर है PNG (Piped Natural Gas)?
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी के इस्तेमाल के कई बड़े फायदे हैं:
- सुरक्षा: एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले पीएनजी काफी सुरक्षित है क्योंकि इसमें गैस का दबाव (Pressure) कम होता है।
- सस्ती दरें: यह पारंपरिक सिलेंडर के मुकाबले जेब पर कम बोझ डालती है।
- नो वेटिंग: इसमें गैस ‘आउट ऑफ स्टॉक’ होने का कोई डर नहीं रहता और न ही डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता है।
- स्पेस की बचत: किचन में भारी-भरकम सिलेंडर रखने की जगह बचती है।
