स्मार्टफोन में ‘Aadhar App’ प्रीलोड करने का सरकारी प्रस्ताव: Apple और Samsung ने जताया विरोध, जानें क्या है पूरा मामला

Ram Pravesh Kumar
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Ram Pravesh Kumar
राम कुमार Prime Sathi पर Latest News और सरकारी योजनाओं से जुड़ा भरोसेमंद कंटेंट लिखते हैं। वे जटिल जानकारी को आसान और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत...
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नई दिल्ली: भारत सरकार अब डिजिटल इंडिया के अगले चरण के तहत हर नए स्मार्टफोन में ‘आधार ऐप’ (Aadhar App) को पहले से इंस्टॉल (Preload) करवाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, सरकार के इस प्रस्ताव ने टेक जगत में नई हलचल पैदा कर दी है। दिग्गज टेक कंपनियों जैसे Apple, Samsung और Google ने प्राइवेसी और सुरक्षा का हवाला देते हुए इस कदम का कड़ा विरोध किया है।

क्या है सरकार का ‘आधार प्रीलोड’ प्रस्ताव?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने आईटी मंत्रालय को एक प्रस्ताव दिया है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • भारत में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन्स में आधार ऐप को Calendar या Clock की तरह ही ‘डिफ़ॉल्ट ऐप’ के रूप में शामिल किया जाए।
  • इसका उद्देश्य नागरिकों को बायोमेट्रिक लॉक, डिजिटल आईडी एक्सेस और अन्य सेवाओं के लिए ऐप को अलग से डाउनलोड करने की झंझट से बचाना है।
  • यह प्रस्ताव इस साल जनवरी में पेश किया गया था, जिस पर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं।

दिग्गज कंपनियों ने क्यों उठाई आपत्ति?

एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों ने इस प्रस्ताव को लेकर अपनी चिंताएं स्पष्ट की हैं:

  1. प्राइवेसी और सुरक्षा: कंपनियों का तर्क है कि सरकारी ऐप को सिस्टम लेवल पर प्री-इंस्टॉल करना यूजर की प्राइवेसी के लिए खतरा हो सकता है।
  2. प्रोडक्शन लाइन में बदलाव: कंपनियों का कहना है कि सिर्फ भारत के लिए अलग से सॉफ्टवेयर प्रीलोड करने हेतु उन्हें अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन लाइन में बदलाव करना होगा, जो काफी खर्चीला और जटिल है।
  3. उपयोगकर्ता की पसंद: टेक विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर को खुद तय करने देना चाहिए कि वे कौन सी ऐप रखना चाहते हैं और कौन सी नहीं।

क्या ‘संचार साथी’ जैसा होगा अंजाम?

यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसी ऐप को अनिवार्य करने की कोशिश की है। कुछ समय पहले सरकार ने ‘संचार साथी’ ऐप को भी प्रीलोड करने का आदेश दिया था। उस समय भी भारी विरोध और विवाद के बाद सरकार को अपना कदम पीछे खींचना पड़ा था। अब देखना यह है कि आधार ऐप के मामले में सरकार टेक दिग्गजों के साथ क्या बीच का रास्ता निकालती है।

क्यों जरूरी है आधार ऐप?

वर्तमान में आधार का उपयोग बैंकिंग, टेलीकॉम, एयरपोर्ट (DigiYatra) और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए बड़े स्तर पर हो रहा है। सरकार का तर्क है कि ऐप प्रीलोड होने से डिजिटल साक्षरता और सुरक्षा (बायोमेट्रिक लॉक फीचर के जरिए) बढ़ेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer)

इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों पर आधारित है। तकनीक और सरकारी नीतियों में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित मंत्रालय या विभाग की वेबसाइट का अवलोकन करें। इस सूचना के उपयोग से होने वाले किसी भी परिणाम के लिए प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होगा।

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राम कुमार Prime Sathi पर Latest News और सरकारी योजनाओं से जुड़ा भरोसेमंद कंटेंट लिखते हैं। वे जटिल जानकारी को आसान और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करते हैं, ताकि हर पाठक बिना किसी परेशानी के समझ सके। उनका उद्देश्य, लोगों तक सही, उपयोगी और समय पर जानकारी पहुँचाकर उन्हें जागरूक और अपडेटेड रखना है।
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