Bhagalpur PM Kisan News: बिहार के भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित नदियामा पंचायत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) में भारी अनियमितता का खुलासा हुआ है। यहाँ सरकारी योजना का लाभ दिलाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर एक ही परिवार के सभी सदस्यों, दूर के रिश्तेदारों और यहाँ तक कि झारखंड के निवासियों को भी लाभुक बना दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी ने तत्कालीन कृषि समन्वयक को निलंबित कर दिया है और संबंधित दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने का सख्त आदेश दिया है।
मतदाता 7 हजार, किसान 11 हजार: ऐसे खुला राज
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब ‘एग्री स्टैक योजना’ के तहत फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी (e-KYC) के कार्यों की समीक्षा की गई।
- आंकड़ों का खेल: पंचायत की मतदाता सूची में कुल 6,459 मतदाता हैं, जबकि कृषि विभाग के पोर्टल पर 11,606 किसान पंजीकृत पाए गए।
- जांच रिपोर्ट: 10 घरों की रैंडम जांच में पाया गया कि परिवार के हर छोटे-बड़े सदस्य के नाम पर पैसे उठाए जा रहे थे। नियमतः परिवार के केवल एक सदस्य को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है।
प्रशासनिक कार्रवाई और निलंबन
जिलाधिकारी के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने पाया कि इस धांधली में स्थानीय कृषि कर्मियों की मिलीभगत थी।
- राजीव कुमार (कृषि समन्वयक): इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कहलगांव तय किया गया है।
- रामाकांत मंडल (किसान सलाहकार): इन्होंने मामले की भनक लगते ही 31 दिसंबर 2024 को इस्तीफा दे दिया था, लेकिन जांच के दायरे में ये भी शामिल हैं।
- FIR का आदेश: जिलाधिकारी ने दोषी कर्मियों और अवैध रूप से लाभ लेने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
5 साल का रिकॉर्ड तलब
जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने डीबीटी (DBT) पोर्टल के प्रभारी अधिकारी से पिछले 5 वर्षों (शुरुआत से 2022-23 तक) का पूरा डेटा मांगा है। जांच टीम यह पता लगा रही है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने को कितने करोड़ों का चूना लगाया गया है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा की गई शुरुआती जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। अंतिम कार्रवाई और दोषियों की सूची पुलिस अनुसंधान एवं विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
