Fasting Rules 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में व्रत और उपवास का केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बड़ा महत्व है। अक्सर भक्त जोश और श्रद्धा में उपवास तो रखते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिससे व्रत खंडित हो सकता है या उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
शास्त्रों के अनुसार, व्रत केवल भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन, कर्म और वचन की शुद्धता का पर्व है। आइए जानते हैं कि इस नवरात्रि व्रत के दौरान आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना जरूरी है।
व्रत के दौरान क्या करें (Do’s)
- सात्विक आहार: व्रत में केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। इसमें कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, सामक के चावल और सेंधा नमक का उपयोग किया जा सकता है।
- फलों का सेवन: शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए ताजे फल, जूस और ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें।
- हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी या दूध पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
- ब्रह्मचर्य का पालन: नवरात्रि के नौ दिनों में ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है।
- मानसिक शुद्धता: व्रत के दौरान क्रोध, लोभ और किसी की बुराई करने से बचें। अपना समय मंत्र जप और ध्यान में लगाएं।
व्रत के दौरान क्या न करें (Don’ts)
- अन्न और नमक का त्याग: सामान्य नमक (समुद्री नमक), गेहूं, चावल, दाल और अन्य अनाज का सेवन वर्जित है।
- लहसुन और प्याज: सात्विक भोजन में भी लहसुन और प्याज का उपयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि इन्हें तामसिक माना जाता है।
- नशे से दूरी: तंबाकू, शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन व्रत को पूरी तरह खंडित कर देता है।
- बाल और नाखून काटना: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता।
- दिन में सोना: उपवास के दौरान दिन में सोने से बचना चाहिए, इसके बजाय प्रभु भक्ति में मन लगाना चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer)
इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित सूचनाओं पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी विशेष स्थिति में व्रत रखने से पहले अपने चिकित्सक और धार्मिक अनुष्ठान के लिए किसी विद्वान पंडित से परामर्श अवश्य लें।
