नई दिल्ली (धर्म डेस्क): शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि 2026 अपने पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज नवरात्रि का तीसरा दिन है और भक्त मां चंद्रघंटा की पूजा में लीन हैं। नौ दिनों के कठिन उपवास के दौरान कई बार अनजाने में, भूलवश या खराब सेहत के कारण व्रत खंडित (टूट) हो जाता है। ऐसे में भक्तों के मन में भय और पाप का बोध होने लगता है।
शास्त्रों के अनुसार, यदि शुद्ध मन से की गई पूजा में कोई भूल हो जाए, तो उसके प्रायश्चित का भी विधान है। अगर आपसे भी व्रत में कोई चूक हुई है, तो इन उपायों से आप अपनी भूल सुधार सकते हैं।
क्षमा याचना और विशेष मंत्र जप
जैसे ही आपको आभास हो कि आपका व्रत टूट गया है, सबसे पहले शुद्ध जल से हाथ-मुंह धोकर स्वच्छ हों। इसके बाद मंदिर के सामने बैठकर मां दुर्गा से अपनी भूल के लिए हाथ जोड़कर क्षमा मांगें।
- महामंत्र: भगवान विष्णु के प्रिय मंत्र “अच्युत-अनंत-गोविंद” का 108 बार जाप करें।
- इसके साथ ही ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का जाप करने से मानसिक अशुद्धि दूर होती है और व्रत खंडित होने का दोष कम हो जाता है।
छोटा हवन और गंगाजल का प्रयोग
यदि भूल बड़ी है, तो घर के मंदिर में ही एक छोटा सा हवन करें।
- आम की लकड़ियों पर कपूर, घी और हवन सामग्री की आहुतियां देते हुए मां दुर्गा का आह्वान करें।
- हवन के बाद पूरे घर में और स्वयं पर गंगाजल का छिड़काव करें। माना जाता है कि हवन की अग्नि और गंगाजल की पवित्रता खंडित संकल्प को पुनः जागृत कर देती है।
दान-पुण्य और कन्या पूजन
शास्त्रों में दान को सबसे बड़ा प्रायश्चित बताया गया है। व्रत टूटने के दोष को दूर करने के लिए अपनी सामर्थ्य अनुसार इन चीजों का दान करें:
- सफेद वस्तुएं: दूध, चीनी, चावल या सफेद वस्त्र किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान दें।
- कन्या पूजन: मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए दो छोटी कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें फल या दक्षिणा देकर विदा करें। कन्याओं को मां का स्वरूप माना गया है, उनकी प्रसन्नता से आपके व्रत का दोष समाप्त हो जाता है।
महत्वपूर्ण जानकारी: आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त
आज 21 मार्च 2026 को नवरात्रि के तीसरे दिन के साथ-साथ गणगौर पूजा और मत्स्य जयंती का भी शुभ संयोग है। यदि व्रत में कोई त्रुटि हुई है, तो आज के दिन दान करना विशेष फलदायी होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer)
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय परामर्श और सामान्य सूचनाओं पर आधारित है। Prime Sathi किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता है। किसी भी उपाय को करने से पहले अपने विवेक और संबंधित विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।
